गेटवे क्या है – What is Gateway in Computer Network in Hindi?

कंप्यूटर नेटवर्किंग में विभिन्न प्रकार की Network devices का उपयोग किया जाता है। प्रत्येक डिवाइस का उद्देश्य और उनके कार्य एक-दूसरे से भिन्न होते है। इस पोस्ट में हम आपको Gateway Network Device के बारे में बताएंगे।

Gateway in Computer Network in Hindi

Gateway क्या है? जैसा कि इसके नाम से पता चलता है, कि यह दो नेटवर्क के बीच एक “gate” की तरह कार्य करता है। जिस प्रकार एक घर में door होती है अंदर जाने और बाहर आने के लिये, उसी प्रकार यह एक Network के entry और exit point के रूप में कार्य करता है।

गेटवे क्या है – What is Gateway in Hindi?

नेटवर्किंग में Gateway एक network device है, जो दो dissimilar type के network को आपस मे connect करने के लिये उपयोग में ली जाती है। इसका कार्य data को एक format या protocol से दूसरे में translate करना होता है।

हम इसे एक node भी मान सकते है, जो network पर अन्य node के लिए entrance के रूप में कार्य करता है। हालांकि जो भी डिवाइस allow करती है data को network के अंदर और बाहर (in and out) flow करने में, उसे हम एक Gateway की तरह देखते है। यह एक router, server, firewall या अन्य नेटवर्किंग डिवाइस हो सकती है।

Gateway को Protocol Converters भी कहा जाता है और यह OSI model की सभी seven layer पर operate कर सकते है। ये different communication protocols का use करने वाले दो network के बीच एक translator के रुप में काम करते है।

उदाहरण के लिये अगर कोई computer जो TCP/IP protocols को support करता है, वह communicate करना चाहता है ऐसे computer से जो AppleTalk को support करता है, तो ऐसे में उनके द्वारा भेजे और प्राप्त किये गए data को पहले Gateway से गुजरना होगा।

एक और उदाहरण लेते है, मान लीजिये एक local area network (LAN) है, जिसे आपको एक public network (internet) से connect करना है। आमतौर पर LAN में internet से different protocols को use में लिया जाता है। अब अगर LAN से connected devices को internet पर data send और receive करना है, तो हमें उनके बीच में gateway को तैनात करना होगा।

घरों में मौजूद devices पर अगर आप internet का use करते है, तो यहां आपका Internet Service Provider (ISP) आमतौर पर एक Gateway की भूमिका निभाता है। कंप्यूटर नेटवर्क में router को भी configured किया जाता है एक Gateway device के रूप में काम करने के लिये।

हालांकि यह पूरी तरह hardware, software या दोनों का combination हो सकता है। चूंकि Gateway को network के edge पर place किया जाता है, इसलिये firewall आमतौर पर इसके साथ integrated होता है।

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Network Gateway कैसे काम करता है

आप ये तो जान चुकें है कि Computer Network में Gateway क्या है और इसका क्या काम है? आइये अब जाने ये कैसे काम करता है?

मान लीजिये आपके पास एक local area network (LAN) है, जो switch के माध्यम से interconnected है। अब आपको इस network से connected एक device में कोई information/data चाहिये।

अगर आपके LAN में मौजूद अन्य devices में वो data available है, जो आपको चाहिए। तो ऐसे में switch आपको network के भीतर से ही data provide कर देगा।

परन्तु अगर आपको वह data किसी outside network (internet) से मंगवाना है। इस स्थिति में switch एक Gateway की भूमिका निभाएगा और आपको वह data लाकर देगा। यहाँ internet पर data send और receive करने के लिये switch एक entry – exist point के रूप में कार्य करेगा।

Working of Gateway in Computer Networking with Diagram

Internet एक wide area network (WAN) है, जो आपके LAN से different protocol पर work करता है। Gateway आपको इन दो different network को connect करने में मदद करता है। जिसके बाद आपके LAN से connected devices द्वारा internet को access किया जाता है।

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कंप्यूटर नेटवर्क में Gateway के कार्य

Computer Network में Gateway के विभिन्न functions होते है, जो निम्नलिखित है:

  • यह different frame, formats, और different protocols के बीच translate करने का कार्य करता है।
  • यह एक network की boundary पर located होता है और जो भी data उस network से अंदर और बाहर flow करता है, उसे manage करने का काम करता है।
  • ये web पर सभी information को move करने के लिये allow करता है और कई network के लिये entry gate प्रदान करता है। जिससे web पर users कई tasks को preform कर सकते है जैसे email send करना, web page navigate करना, web पर कोई product और services buy करना, आदि।
  • इन्हें अन्य सभी network devices में सबसे complex माना जाता है क्योंकि ये OSI model की multiple layer पर translation perform कर सकते है।
  • यह एक key access point है, जो किसी organization’s network और internet के बीच gate के रूप में कार्य करता है।
  • गेटवे, host network’s के internal connection paths और अन्य remote networks के identified paths के बारे में भी information store करता है।
  • यदि एक network से कोई node किसी foreign network में मौजूद node के साथ communicate करना चाहती है, तो पहले data को pass किया जाएगा gateway तक, जिसके बाद वह best possible route का use करके इसे destination तक पहुंचाएगा।
  • जब इसे enterprise purpose के लिये use किया जाता है, तो gateway node एक proxy server या firewall के रूप में भी implement की जा सकती है।
  • यह public network और private network के बीच identification की help से security provide करता है।

गेटवे के प्रकार – Types of Gateway in Hindi

मुख्य रूप से Gateway दो प्रकार के होते है:

  1. Unidirectional
  2. Bidirectional

1. Unidirectional Gateway

जैसा इसके नाम से भी पता चलता है, कि ये data को सिर्फ one direction में transmit करने की अनुमति देता है। इसका अर्थ हुआ कि एक समय में या तो data send हो सकता है या receive.

Direction में कोई भी बदलाव source terminal से किया जाता है। यहां केवल path या destination direction को replicated किया जाता है node या application में।

Nodes द्वारा data के direction को impact नही किया जाता है, यह वैसा ही रहता है जैसा इसे sent किया गया था। इनका उपयोग archiving tools के रूप में भी किया जा सकता है।

2. Bidirectional Gateway

पहले प्रकार के विपरीत ये data को both directions में transmit करते है। जिसका अर्थ हुआ कि data को एक समय मे send और receive किया जा सकता है।

साथ ही, direction में किया जाने वाला प्रत्येक बदलाव source node या application से किया जाता है। संक्षेप में, इस प्रकार के gateway एक synchronization tool की तरह काम करते है।

दो प्रकार जो उप्पर हमने आपको बताए वो डेटा प्रवाह की दिशा के आधार पर है, परन्तु functionalities के आधार पर यह कई types के हो सकते है, उनमें से प्रमुख निम्नलिखित है:

Network Gateway – ये अलग-अलग protocols वाले दो भिन्न network के बीच data transmit करने के लिये एक सटीक interface प्रदान करता है।

VoIP Trunk Gateway – ये VoIP (voice over Internet Protocol) की मदद से data को plain old telephone service (POTS) devices जैसे landline phones और fax machines के बीच transmit करने की अनुमति देते है।

IoT Gateway – इनका उपयोग Internet of Things के भीतर devices को एक दूसरे से और cloud से connect करने के लिये होता है। ये IoT devices के बीच संचार का अनुवाद करने के साथ ही data को उपयोगी जानकारी में filter करते है।

Payment Gateway – online payment को send और receive करने के लिये ये security प्रदान करते है।

Media Gateway – ये allow करते है data को audio और video transmission में broadcast करने के लिये।

Internet-To-Orbit Gateway – यह पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले satellites और spacecraft से devices (जो इंटरनेट से जुड़े है) के बीच connection बनाने में मदद करता है।

Cloud Storage Gateway – यह अलग-अलग प्रकार के cloud storage service API calls जैसे – SOAP या REST के साथ storage requests के लिये translation करने की अनुमति देता है।

Web Application Firewalls – ये allow करता है traffic को web server से आने-जाने के लिए और application layer data को monitor करता है।

Email Security Gateway – इसका उपयोग उन emails के transmission को prevent करने के लिये होता है जो organization की strategy को break करते है या malignant purpose से data move करते है।

Default Gateway क्या होता है

शब्द Default Gateway का उपयोग local network पर router या multilayer switch के लिये किया किया जाता है, जो एक network की devices को दूसरे network की devices के साथ communicate करने में सक्षम बनाते है।

‘Default’ का अर्थ है, कि निर्दिष्ट डिवाइस पहला विकल्प है जिसे तब देखा जाता है जब data को network से exit करने की आवश्यकता होती है। इसका उपयोग मुख्य रूप से webpage access करने के लिये किया जाता है। वास्तव में internet पर आने से पहले gateway के माध्यम से एक request sent की जाती है।

इसके अलावा multiple devices को singal subnet से connect करने के लिये भी इसका उपयोग किया जाता है। इस स्थिति में यह एक intermediary की तरह काम करता है।

Gateway के Advantages क्या है

Computer Network में Gateway के Advantages निम्नलिखित है:

  • यह computers को different systems के साथ connect करके network को expand करता है।
  • ये destination network की जरूरत के अनुसार data packets को convert कर सकता है।
  • इसका एक बड़ा फायदा ये है कि हम बिना gateway के internet को access नही कर सकते।
  • यह एक intelligent device है, साथ ही इसमें filtering capabilities भी होती है।
  • इसमें collision के साथ-साथ broadcast domain को control करने की क्षमता है।
  • यह communication के full-duplex mode का use करता है।
  • यह कुछ security भी प्रदान करते है। इनके द्वारा sensitive information को protect करने के अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि केवल authorized users ही information को access कर पाए।

Gateway के Disadvantages क्या है

Computer Network में Gateway के Disadvantages निम्नलिखित है:

  • इसकी Implementation cost बहुत high होती है।
  • इसे Maintain करना difficult होने के साथ-साथ complex भी है।
  • इसके configuration के लिये एक special system administration की आवश्यकता होती है।
  • Network पर मौजूद प्रत्येक computer का एक अलग protocol होता है। यदि कोई समस्या आती है, तो प्रत्येक computers को individually troubleshoot करने की आवश्यकता होती है।
  • यह हमेशा time delay का कारण बनते है, क्योंकि information को translate किया जाना होता है।

संक्षेप में – Conclusion

तो उम्मीद है, इस पोस्ट को पढ़कर आप समझ गए होंगे कि कंप्यूटर नेटवर्क में Gateway क्या है? (What is Gateway in Computer Network in Hindi), इसका क्या काम है और ये कितने प्रकार के होते है।

संक्षेप में इस पोस्ट का विवरण दू तो यह एक तरह की नेटवर्किंग डिवाइस है, जो दो अलग-अलग networks को join करता है, ताकि one network में मौजूद devices another network में मौजूद devices के साथ कम्यूनिकेट कर पाए।

आशा है आज आपने कुछ नया सीखा होगा। इस पोस्ट में बस इतना ही। पोस्ट ज्ञानवर्धक लगी हो तो कृपया इसे Social Media पर Share जरूर करे, ताकि आपके माध्यम से अन्य लोगों तक यह जानकारी पहुंच पाए।



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