Mutual Fund क्या है इसमें निवेश कैसे करे?

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आज के इस पोस्ट पर हम जानेंगे कि Mutual Fund क्या है? और म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कैसे करे। दोस्तो Share Market में Invest करना एक आम आदमी के लिए हमेशा से ही सिर दर्द रहा है। वो इसलिए क्योंकि एक middle income वाले व्यक्ति के पास न तो शेयर मार्केट की अच्छी Knowledge होती है न ही उसके पास इन सब को मैनेज करने का समय होता है और न ही उतनी Saving जिससे वह शेयर मार्केट में Companies के shares खरीद सके।

Mutual Fund Kya Hai in Hindi

अगर आप भी एक Middle income वाले व्यक्ति है, और अपनी Saving का कुछ हिस्सा शेयर मार्केट में लगाकर वहां से पैसा बनाना चाहते है तो आपके लिए Mutual Fund एक बेहतरीन मौका हो सकता है। कई टेलीविजन विज्ञापनों में आपने इसके बारे में सुना होगा इसमे जो बात आपको सबसे अच्छी लगी होगी वह है, Low Money Investment यानी आप Mutual Fund में 500 रुपये से भी शुरुवात कर सकते है।

लेकिन यहां पर एक सवाल उठना लाजमी है, अगर आप 500 रुपये म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करेंगे तो Return क्या पाएंगे। इसीलिए अगर आप इसे बारीकी से नही समझेंगे तो यह भी आपको शेयर मार्केट की तरह ही परेशान करेगा। Mutual Fund को लेकर उठ रहे सभी सवालों का जवाब आपको इस पोस्ट में दिया जाएगा। अगर आप चाहते है, कि mutual fund को आप बारीकी से समझ पाए और अपने लिए एक सही म्यूच्यूअल फण्ड का चुनाव कर पाये।

Mutual Fund को लेकर उठ रहे सभी सवालों का जवाब आपको इस पोस्ट में दिया जाएगा। अगर आप चाहते है, कि mutual fund को आप बारीकी से समझ पाए और अपने लिए एक सही म्यूच्यूअल फण्ड का चुनाव कर पाये। तो आपसे एक विनती है कि इस पोस्ट को बड़े ध्यान से पड़े और हमारे बताये गए instructions को समझने की कोशिश करे। तो चलिए सबसे पहले जान लेते है, Mutual Fund क्या है?

म्यूच्यूअल फण्ड क्या है? (What is Mutual Fund in Hindi)

Mutual Fund एक सामूहिक निवेश (Collective investment) है, जो एक नही बल्कि हजारो निवेशकों से मिलकर बनता है। शेयर मार्केट में निवेश करने के इच्छुक सभी निवेशक जिस फण्ड में अपना पैसा निवेश करते है, उसे Mutual Fund कहा जाता है। Company अपने निवेशकों के पैसों को शेयर मार्केट में लगाने के लिए एक Professional जानकर को रखती है जिसे Fund Manager कहा जाता है।

यह फण्ड मैनेजर शेयर मार्केट के अच्छे जानकार होते है। जो आपके invest किये गए पैसो को शेयर मार्केट में लगाते है, और वहां से मुनाफा कमाकर हर एक निवेशक में बांट देते है। mutual fund एक आम निवेशक जिसे या तो शेयर मार्केट की जानकारी नही है, या वो कोई Job, Business करता है। जिससे उसके पास समय की कमी है, या फिर ऐसा निवेशक जो निवेश तो करना चाहता है पर उसके पास उतनी saving नही है, जिससे वह एक बार पैसा लगाने के बाद पैसा डूबने का risk उठाये।

Mutual Fund हमारी इन सभी चीजो में मदद करता है। Fund में निवेश किये गए पैसो को Fund Manager शेयर मार्केट में लगाते है। यानी हम directly नही परन्तु indirectly Mutual fund के द्वारा अपना पैसा शेयर मार्केट में Invest कर रहे होते है। जिस के लिए हमे कोई knowledge की जरूरत नही और न ही समय की। अब अगर इसे पूरा समझा जाये तो ये एक मौका है, उन सभी के लिए जो शेयर मार्केट से पैसा तो कामना चाहते है।

लेकिन उनके पास न तो शेयर मार्केट की Knowledge है ना ही extra time और ना ही Risk लेने की capability . ऐसे लोग अपने पैसो को Mutual fund Invest कर सकते है। तो चलिये अब जानते है Mutual Fund काम कैसे करता है।

Mutual Fund काम कैसे करता है?

अगर आप जान चुके है, Mutual Fund क्या होता है तो आपका यह जानना भी बेहद जरूरी है, की ये काम कैसे करता है। आमतौर पर सभी mutual fund इन चार चीजो से मिलकर बनते है।

  1. NAV
  2. Units
  3. Fund Manager
  4. Fund Size.

NAV: यानी Net asset value किसी संपति का कुल मूल्य होता है। Mutual Fund में एक Units की कीमत उसकी Net asset value जितनी होती है। Mutual fund में NAV को निकालने के लिए पहले Stock, bonds, deposit इत्यादि की कीमत (जो market value पर निर्भर करती है) को हर रोज mutual fund चलाने के खर्च से घटाकर total units की संख्या से Divide करके निकाला जाता है। इसे समझने के लिए नीचे Image को देखे।

Units: Mutual fund में एक यूनिट की कीमत उसकी Net asset value पर निर्भर करती है। मान लीजिये किसी mutual fund की NAV 15 रुपये है और आपने उसमें 1500 रुपये निवेश किये है। तो 15 रुपये के हिसाब से आपको उस mutual fund की 100 units मिलेगी। इसका मतलब यह है, की कुल units में आपकी 100 units की हिस्सेदारी होगी।

Fund Manager: mutual fund में Fund manager की एक अहम भागेदारी होती है। Fund manager invest किये गए पैसो को मैनेज करता है। निवेशकों द्वारा खरीदी गई units को कोन से शेयर खरीदने में लगाना है, यह सब fund मैनेजर ही तय करता है।

Fund Size: मान लीजिए किसी फण्ड में कुल 1000 लोग invest करते है। निवेशकों द्वारा invest की गई कुल राशि फण्ड का size होती है।

अगर आपने mutual fund में निवेश करने का मन बना लिया है, तो यह जानने के बाद एक सही mutual fund Scheme का चुनाव करना आपके लिए सबसे कठिन काम है। तो चालिये अब जानते है mutual fund कितने प्रकार के होते है। क्योंकि इन्ही में से आपको अपने लिए एक best mutual fund चुनना होगा।

म्यूच्यूअल फण्ड के प्रकार – Types of Mutual Fund in Hindi

हर किसी निवेशक की अपनी एक अलग जरूरत होती है। इसीलिए उन सभी निवेशकों के लिए mutual फण्ड भी अलग-अलग तरह के होते है। आमतौर पर mutual फण्ड को दो भागों में वर्गीकृत किया जाता है।

परिपक्वता के आधार पर (Based on Maturity)

  • Open ended fund.
  • Close-ended fund.
  • Interval fund.

Open ended fund यह वे फण्ड होते है, जो निवेशकों के लिए हमेशा खुले रहते है। ऐसे फण्ड पर आप कभी भी invest कर सकते है और जब चाहे अपनी मर्जी से फण्ड को exit कर सकते है।

Close ended fund यह वे फण्ड होते है, जिनका एक maturity time period होता है। यानी यह फण्ड एक निर्धारित समय सीमा के लिये चालू होते है। एक बार close ended fund में enter कर लेने के बाद निवेशक इसकी समय सीमा पूरी हो जाने पर ही इसकी units को बेच सकता है।

Interval fund यह फण्ड Open ended और Close ended fund का मिला जुला होता है। यह फण्ड स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड होते है, जहा से इनको खरीदा व बेचा जाता है।

निवेश के उद्देश्यों के आधार पर (Based on Investment Objectives)

  • Equity/Growth funds.
  • Debt/ Income funds.
  • Balanced funds.
  • Money market/ liquid funds.
  • Gilt funds.
  • Tax saving fund/ Equity linked Saving scheme (ELSS)

Equity/ Growth fund यह फंड्स निवेशक के पैसों का अधिकतर भाग equity shares में लगाते है। जिसका मुख्य उद्देश्य लंबी अवधि में निवेशकों को उच्च return दिलाना होता है। Equity fund ज्यादा risk वाले होते है। परंतु अगर आप इसमें लंबी अवधि के लिए निवेश करते है तो यब आपको एक अच्छा return दिलाएंगे।

Debt/ Income funds यह फंड्स निवेशकों के पैसो का ज्यादातर भाग bond, Government security या नॉन कनवर्टिबल डिबेंचर में लगाया जाता है। जिस वजह से निवेशकों का पैसा सुरक्षित रहता है। जो निवेशक risk लेने से बचना चाहते है वह debt फण्ड में निवेश कर सकते है। हालांकि debt fund में Equity fund के बराबर Return देने की क्षमता नही होती है।

Balanced fund यह फण्ड इक्विटी और डेब्ट फण्ड का मिश्रण होता है। इस फण्ड के द्वारा निवेशको का आधा पैसा Equity में और बाकी debt फण्ड में लगाया जाता है। यह फण्ड उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो कम risk में एक average return चाहते है।

तो यह थे म्यूच्यूअल फण्ड के प्रकार अगर आपको किसी भी mutual फण्ड को समझने में दिक्कत हो रही है, तो कृपया नीचे कमेंट कर बताये। तो चलिए अब जान लेते है Mutual fund से होने वाले फायदे और नुकसान।

म्यूच्यूअल फण्ड के फायदे – Advantages of Mutual Funds

1) म्यूच्यूअल फण्ड का सबसे बड़ा benefit यह है। इसमें निवेश करने के लिये आपको किसी भी तरह की ज्ञान की जरूरत नही है क्योंकि investor के पैसो को manage करने के लिए फण्ड manager होता है।

2) म्यूच्यूअल फण्ड का दूसरा सबसे बड़ा benefit time है। अधिकतर लोग invest इसीलिए नही करते क्योंकि वह job या business करते है और यह सब manage करने का उनके पास समय नही है।

3) म्यूच्यूअल फण्ड का तीसरा फायदा यह है। निवेशक अपनी saving के हिसाब से इसमे इन्वेस्ट कर सकता है। म्यूच्यूअल फण्ड में 500 रुपये से भी निवेश शुरू किया जा सकता है।

4) म्यूच्यूअल फण्ड का चौथा फायदा कई प्रकार की mutual fund scheme है। निवेशक अपनी जरूरतों के हिसाब से पैसा निवेश कर सकता है।

5) म्यूच्यूअल फण्ड का पांचवा फायदा अगर आप लंबे समय तक निवेश नही करना चाहते तो आप open ended fund जैसी scheme चुन सकते है। जिस से आप कभी भी अपना पैसा वापस निकाल सकते है।

म्यूच्यूअल फण्ड के नुकसान – Disadvantages of Mutual Funds

1) म्यूच्यूअल फण्ड का सबसे बड़ा नुकसान सही Mutual Fund scheme का चुनाव ना करना है। जिस भी scheme में आप invest कर रहे है पहले उसके बारे में अधिक से अधिक जानकारी हासिल करे। तभी जाके उसमे अपना पैसा निवेश करे।

2) म्यूच्यूअल फण्ड का दूसरा नुकसान फण्ड मैनेजर है जब भी mutual fund में इन्वेस्ट करे तो सबसे पहले उसके फण्ड मैनेजर की overall performance चेक करे। क्योंकि fund manager वही व्यक्ति होता है जिसके हाथ मे आपके पैसो को बनाने और डुबाने की ताकत होती है।

3) म्यूच्यूअल फण्ड का तीसरा नुकसान बाजार का उतार – चढ़ाव है। अगर आप ज्यादा safe game खेलना चाहते है तो डेब्ट फण्ड या ऐसे ही किसी दूसरे फण्ड में निवेश करें जिससे आपके पैसो के डूबने के खतरा कम होगा।

म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कैसे करे

ऑनलाइन तरीका

Mutual fund में आप किसी Online Asset management company के जरिये निवेश शुरू कर सकते है। किसी Bank/AMC की साइट पर जाकर खुद को register करे। Register form में जरूरी जानकारियां जैसे – फोबियो नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल भरे। Register करते ही आपको user id और password मिल जायेगा। log in करके निवेश शुरू कर सकते है।

ऑफलाइन तरीका

नजदीकी बैंक में जाकर या किसी agent/broker से मिलकर कुछ जरूरी forms भरे। इसके बाद म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी आपको एक फॉलियो नंबर और एक एकाउंट स्टेटमेंट देगी। जिसके बाद आप offline निवेश शुरू कर सकते है।एक अनुशासित इन्वेस्ट के लिए जरूरी है, आप SIP के जरिये Mutual fund में निवेश करें। SIP (Systematic Investment Plan) एक व्यवस्थित तरीका है, निवेश करने का। अगर आप एक नोकरीपेशा व्यक्ति है और एक लमशम amount के बदले हर महीने कुछ Amount अगले कुछ सालों तक निवेश करना चाहते है, तो आप SIP के जरिये ही mutual फण्ड में निवेश करे।

SIP के जरिये निवेश करने पर हर महीने आपके बैंक एकाउंट से तय राशि सीधा Mutual फण्ड में निवेश कर दी जाती है। लंबे वक्त तक निवेश करने पर यह आपको एक अच्छा return दिलाते है। SIP के जरिये निवेश करने पर पैसा डूबने के रिस्क बहुत कम हो जाता है इसकी शुरुवात आप 500 रुपये से भी कर सकते है।

Conclusion

Mutual Fund क्या है इसमें निवेश कैसे करे? इसकी एक मोटी जानकारी हमने आपको दी है। अपनी आने वाली पोस्ट में हम इसे Detail में बताएँगे की म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कैसे करते है। तो उम्मीद है, आप जान चुके होंगे Mutual Fund क्या होता है अगर आप mutual फण्ड में निवेश करने की सोच रहे है, तो आपसे गुजारिश है, invest करने से पहले इसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करे। जल्दीबाजी में कोई भी Scheme में निवेश ना करे। अंत मे अगर आपको यह पोस्ट पसंद आयी तो इसे अपने Friends में शेयर करे। अपने सवाल पूछने के लिए नीचे Comment बॉक्स में Comment करे।

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