What is Programming | कंप्यूटर प्रोग्रामिंग क्या है? Programming kya hai?

Programming एक ऐसी टेक स्किल है जिसे आज की जनरेशन और आने वाली कई जनरेशन के लिए सीखना बेहद महत्वपूर्ण है। अगर अब तक आपको कंप्यूटर प्रोग्रामिंग की जानकारी नही है, तो इस पोस्ट में हम आपको विस्तार से बताएंगे कि Programming kya hai – What is Programming in Hindi?

पोस्ट में हम कुछ महत्वपूर्ण शब्द जैसे Program और Computer programming language के बारे में भी जानेंगे। इसके अलावा आप जानेंगे प्रोग्रामिंग के उपयोग क्या है, प्रकार और कुछ सर्वश्रेष्ठ प्रोग्रामिंग भाषाओं के बारे में।

Programming kya hai - What is programming in hindi

Programming के बारे में एक फैक्ट आपको बता दूं कि इसके बिना मोबाइल फोन, कंप्यूटर, और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग संभव नही है। इसके अलावा इंसानों ने अपने रोजमर्रा के कई कार्यो को प्रोग्रामिंग की मदद से ऑटोमैटेड कर दिया है। कुल मिलाकर आज की दुनिया मे Programming का उपयोग हर क्षेत्र में हो रहा है।

Programming kya hai? – What is Programming in Hindi

Computer Programming समझने से पहले, आइए हम Program को समझें और जाने कि ये क्या करते हैं। कंप्यूटर प्रोग्राम कंप्यूटर द्वारा निर्दिष्ट कार्य को करने के लिए कंप्यूटर प्रोग्रामिंग भाषा का उपयोग करके लिखे गए निर्देशों का एक क्रम है।

हमारे द्वारा इस परिभाषा में जिन दो महत्वपूर्ण शब्दों का प्रयोग किया है, वे हैं –

  • निर्देशों का क्रम
  • कंप्यूटर प्रोग्रामिंग भाषा

इन शब्दों को एक उदाहरण के द्वारा समझते हैं। जैसे किसी व्यक्ति को पेट्रोल पंप जाना है और वह आपसे आकर पूछता है कि पेट्रोल पंप का रास्ता किधर है या पेट्रोल पंप कहां है?

पेट्रोल पंप जाने का रास्ता बताने के लिए आप ह्यूमन लैंग्वेज का इस्तेमाल करेंगे, तो आप उसे कहेंगे कि पहले 1 किलोमीटर सीधे जाओ, उसके बाद दाएं ओर मुड जाओ, फिर आधा किलोमीटर चलने के बाद आपको पुलिया के पास पेट्रोल पंप दिखाई देगा।

यहां आपने एक व्यक्ति को पेट्रोल पंप का रास्ता बताने के लिए हिंदी भाषा का प्रयोग किया है जैसे — 1 किलोमीटर सीधे जाओ, उसके बाद दाएं ओर मुड जाओ, फिर आधा किलोमीटर चलने के बाद आपको पुलिया के पास पेट्रोल पंप दिखाई देगा।

अब कंप्यूटर प्रोग्राम के साथ भी इसी को जोड़ने का प्रयास करो। निर्देशों का उपरोक्त क्रम वास्तव में हिंदी भाषा में लिखा गया एक मानव प्रोग्राम है, जो निर्देश देता है कि किसी दिए गए प्रारंभिक बिंदु से पेट्रोल पंप तक कैसे पहुंचा जाए। 

इसी तरह आप स्पेनिश, अंग्रेजी, अरबी या किसी अन्य मानव भाषा में भी इसका उत्तर दे सकते थे, बशर्ते कि दिशा की तलाश करने वाला व्यक्ति इनमें से किसी भी भाषा को जानता हो।

जिस प्रकार मनुष्य अपने विचारों और संदेशों को दूसरों तक पहुँचाने के लिए कई सारी भाषाओं का उपयोग करता है, उसी तरह कंप्यूटर के साथ संवाद करने के लिए कंप्यूटर को समझने योग्य भाषा की आवश्यकता होती है, जिसे कंप्यूटर प्रोग्रामिंग भाषा के रूप में जाना जाता है।

इस प्रकार एक प्रोग्रामिंग भाषा कंप्यूटर के साथ संवाद करने और कंप्यूटर को निर्देश प्रदान करने का एक तरीका है ताकि कंप्यूटर हमारे कार्यों को निष्पादित कर सके।

सामान्य भाषा में निर्देशों को सफलतापूर्वक निष्पादित करने के लिए प्रोग्राम को डिजाइन और निर्माण करने की प्रक्रिया ही प्रोग्रामिंग है।

प्रोग्रामिंग कोडिंग द्वारा की जाती है, और हम कंप्यूटर पर कोड लिखकर प्रोग्राम बनाते हैं। कंप्यूटर कोड जिसे हम अपने निर्देशों को क्रियान्वित करने के लिए बनाते हैं और उसके अनुसार परिणाम प्राप्त करते हैं।

जिस प्रकार मनुष्य संचार के लिए विभिन्न भाषाओं जैसे अंग्रेजी, हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं का उपयोग करता है, उसी तरह कई प्रोग्रामिंग भाषाएं हैं जिनके माध्यम से हम निर्देश प्रदान कर सकते हैं और कार्यक्रमों को निष्पादित कर सकते हैं।

वर्तमान में, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग की मांग बहुत बढ़ गई है, और लोग आजकल कंप्यूटर प्रोग्रामिंग सीखने में काफी दिलचस्पी ले रहे हैं। यह उन युवा पीढ़ी के लिए वरदान है जो प्रोग्रामिंग को अपने करियर क्षेत्र के रूप में चुनते हैं और इस क्षेत्र में खुद को विकसित करने के लिए अपना पूर्ण समर्पण और प्रयास शामिल करते हैं।

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Computer Programmer क्या करता है?

कंप्यूटर प्रोग्रामर वह व्यक्ति होता है जो अपने कौशल का उपयोग करते हुए कंप्यूटर द्वारा कुछ कार्यों को पूरा करवाते हैं। प्रोग्रामर कंप्यूटर को कुछ कोड बताते हैं और कंप्यूटर उस टास्क को करना शुरु कर देता है। इन प्रोग्राम को लिखने वाले व्यक्ति को ही हम कंप्यूटर प्रोग्रामर कहते हैं।

प्रोग्रामर कुछ विशेष प्रकार के कोड और विभिन्न कंप्यूटर भाषाओं जैसे Java और C++ का उपयोग सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और इंजीनियरों द्वारा बनाए गए प्रोग्राम डिज़ाइन को उन निर्देशों में बदलने के लिए करते है जिनका कंप्यूटर अनुसरण कर सकता है।

यदि कोड में कोई त्रुटि या कोई बग हैं, तो कंप्यूटर प्रोग्रामर एप्लीकेशन का दोबारा परीक्षण करके उस कोड के भीतर की त्रुटियों को ठीक करते हैं। कंप्यूटर प्रोग्रामर अक्सर अपने कोड को सरल बनाने के लिए कोड लाइब्रेरी का उपयोग करते हैं।

एक कंप्यूटर प्रोग्रामर का यह काम होता है कि वह नए प्रोग्राम के लिए कोड लिखता और उनकी जांच करता है। अक्सर प्रोग्रामर, वेब डेवलपर्स और सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के साथ मिलकर काम करते हैं। वे कंप्यूटर प्रोग्राम या मोबाइल ऐप के लिए कोडिंग करके प्रोग्राम का निर्माण करते हैं।

कंप्यूटर प्रोग्रामर उनके द्वारा बनाए गए प्रोग्राम को समय-समय पर अपडेट करते रहते है। इन प्रोग्राम्स को अपडेट इसलिए किया जाता है क्योंकि बनाए गए प्रोग्राम्स में कुछ कमियां रह जाती है जिनकी वजह से हैकर इनका इस्तेमाल गलत उपयोग के लिए कर सकते है तथा किसी सिस्टम का डाटा भी चोरी कर सकते हैं। इसलिए समय-समय पर कंप्यूटर प्रोग्रामर, प्रोग्राम की कोडिंग में बदलाव कर इनकी कमियां दूर करते हैं।

कोडिंग में परीक्षण और त्रुटि महत्वपूर्ण मानी जाती है, इसलिए कंप्यूटर प्रोग्रामर को प्रोग्राम के उन हिस्सों को सही करने में सक्षम होना चाहिए जो ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। प्रोग्रामर सॉफ्टवेयर को डिबग करते हैं।

कंप्यूटर प्रोग्रामर को अक्सर तकनीकी गाइड बनाने का काम दिया जाता है जो उपयोगकर्ताओं, विश्लेषकों, सॉफ्टवेयर इंजीनियरों या अन्य डेवलपर्स को समझाते हैं कि कंप्यूटर प्रोग्राम कैसे काम करेगा।

Front-end और Back-end Computer Programming क्या है?

Front-end और Back-end किसी वेबसाइट बनाने में उपयोग किए जाने वाले दो सबसे लोकप्रिय शब्द हैं। ये शब्द वेब डेवलपमेंट के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं लेकिन एक दूसरे से काफी अलग हैं। वेबसाइट की कार्यक्षमता में सुधार के लिए प्रत्येक पक्ष को एक इकाई के रूप में दूसरे के साथ प्रभावी ढंग से कम्युनिकेट करने और संचालित करने की आवश्यकता है।

वेबसाइट का वो हिस्सा जिससे उपयोगकर्ता सीधे इंटरैक्ट करता है, उसे फ्रंट एंड कहा जाता है। इसे एप्लिकेशन के क्लाइंट-साइड के रूप में भी जाना जाता है। इसमें वह सब कुछ शामिल होता है जो उपयोगकर्ता द्वारा सीधे अनुभव किया जाता हैं। जैसे टेक्स्ट रंग और स्टाइल, चित्र, ग्राफ़ और टेबल, बटन, रंग और नेविगेशन मेनू जैसी तमाम चीजें। 

HTML, CSS, और JavaScript फ्रंट एंड डेवलपमेंट के लिए इस्तेमाल की जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं। जब वेबसाइट, वेब एप्लिकेशन या मोबाइल ऐप खोले जाते हैं तो ब्राउज़र स्क्रीन पर दिखाई देने वाली हर चीज़ की संरचना, डिज़ाइन, व्यवहार और सामग्री को फ्रंट एंड डेवलपर्स द्वारा कार्यान्वित किया जाता है।

डेवलपर को यह देख लेना चाहिए कि वेबसाइट रिस्पॉन्सिबल है यानी यह सभी प्रकार के डिवाइसो पर सही ढंग से दिखाई देती है, वेबसाइट के किसी भी हिस्से को स्क्रीन के आकार के बावजूद असामान्य रूप से व्यवहार नहीं करना चाहिए।

बैकएंड को वेबसाइट का सर्वर-साइड कहा जाता है। यह डेटा को स्टोर और व्यवस्थित करने का काम करता है और इस बात का ध्यान रखता है कि वेबसाइट के क्लाइंट-साइड पर सब कुछ ठीक काम कर रहा है या नही।

यह वेबसाइट का वह हिस्सा है जिसे आप देख और इंटरैक्ट नहीं कर सकते। यह सॉफ्टवेयर का वह भाग है जो उपयोगकर्ताओं के सीधे संपर्क में नहीं आता है। Back-end पार्ट कुछ भाषाओं का उपयोग करके बनाया गया है जैसे PHP, C+, Java, Python, JavaScript, आदि।

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है- What is Programming Language in Hindi?

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज एक कंप्यूटर लैंग्वेज है। जिस प्रकार आप दूसरे व्यक्ति के साथ संवाद करने के लिये हिंदी, अंग्रेजी, या किसी अन्य भाषा का उपयोग करते है, उसी तरह प्रोग्रामर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का उपयोग करके कंप्यूटर के साथ संवाद करते है।

यह कंप्यूटर द्वारा किसी विशिष्ट कार्य को करवाने के लिये लिखे गए निर्देशों का एक सेट होता है। कंप्यूटर प्रोग्रामिंग भाषा हमें कंप्यूटर को उस भाषा मे निर्देश देने की अनुमति देती है जिसे कंप्यूटर समझता है।

आज विभिन्न प्रकार की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज उपलब्ध है। सभी की अपनी विशेषताएं है, हालांकि इनके बीच समानताएं भी होती है। वैसे तो अधिकतर क्षेत्रों में इनका उपयोग आज के समय किसी न किसी रूप हो ही रहा है परन्तु सॉफ्टवेयर, वेबसाइट और मोबाइल एप्लीकेशन बनाने के लिये इनका उपयोग मुख्य रूप से किया जाता है।

Types of Programming Languages in Hindi (विभिन्न प्रकार की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज)

प्रोग्रामिंग भाषाओं को मुख्यतः दो भागों Low level programming language और High level programming language में विभाजित किया गया है।

निम्न स्तरीय भाषा उन्हें कहा जाता है जो मशीन कोड (0s और 1s) के बहुत सिमिलर होती हैं। इन भाषाओं में लिखे गए प्रोग्राम निर्देश बाइनरी फॉर्म में होते हैं। निम्न-स्तरीय भाषाओं के उदाहरण Machine language और Assembly language हैं।

उच्च स्तरीय भाषाएं वह होती है जो मानव भाषाओं के करीब हैं (उदाहरण के लिए अंग्रेजी भाषाएं)। उच्च स्तरीय भाषाओं के उदाहरण हैं — Fortran, COBOL, Basic, Pascal, C, C++, Java, etc.

उच्च स्तरीय भाषाएं अंग्रेजी भाषा के जैसी ही होती हैं। प्रोग्राम निर्देश अंग्रेजी शब्दों का उपयोग करते हुए लिखे जाते हैं, उदाहरण के लिए प्रिंट, इनपुट आदि। लेकिन प्रोग्राम निर्देश लिखने के लिए प्रत्येक उच्च स्तरीय भाषा का सबका अपना-अपना नियम और व्याकरण होता है। इन नियमों को भाषा का Syntax कहते है।

उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषाओं को इस प्रकार वर्गो में बांटा गया है: –

  1. Procedural languages
  2. Non procedural languages
  3. Object oriented programming languages

1. Procedural languages

Procedural भाषा उसे कहते हैं जो एक प्रोग्राम बनाने के लिए अपने प्रोग्रामिंग संदर्भ में well-structured चरणों और प्रक्रियाओं की एक श्रृंखला निर्दिष्ट करती है।

Procedural भाषा को Imperative भाषा के रूप में भी जाना जाता है। इसमें एक कम्प्यूटेशनल कार्य या प्रोग्राम को पूरा करने के लिए statements, कार्यों और आदेशों का एक व्यवस्थित क्रम होता है।

2. Non-procedural programming language

इस प्रकार की भाषाओं में, संबंधित उपयोगकर्ता को केवल यह निर्दिष्ट करना होता है कि डिवाइस या सिस्टम को क्या करने की आवश्यकता है। हमें यह निर्दिष्ट करने की आवश्यकता नहीं है कि निर्दिष्ट ऑपरेशन कैसे करें।

एक Non-procedural भाषा को functional या applicative भाषा भी कहा जाता है।

3. Object-oriented programming languages

Object-oriented programming (OOP) एक मौलिक प्रोग्रामिंग भाषा है जिसका उपयोग लगभग हर डेवलपर अपने करियर के किसी न किसी बिंदु पर करता है। OOP सबसे लोकप्रिय प्रोग्रामिंग भाषा है और इसे अधिकांश प्रोग्रामर शैक्षिक कैरियर के लिए कोड करने के मानक तरीके के रूप में पढ़ाते है।

सबसे व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग भाषाओं में से कुछ Java, C++ और Ruby हैं। Python और JavaScript की तरह कई भाषाएँ जो strictly ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड नहीं हैं, ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग से प्रेरित क्लास और ऑब्जेक्ट जैसी सुविधाएँ भी प्रदान करती हैं। Simula और Smalltalk पहली भाषाएँ हैं जिन्हें व्यापक रूप से ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड माना जाता है।

4. Machine Languages

मशीन-स्तरीय भाषा एक ऐसी भाषा है जिसमें निर्देशों का एक सेट होता है जो बाइनरी फॉर्म 0 या 1 में होता है। जैसा कि हम जानते हैं कि कंप्यूटर केवल मशीन निर्देशों को समझ सकते हैं, जो बाइनरी अंकों में होते हैं, यानी 0 और 1. कंप्यूटर को दिए गए निर्देश केवल बाइनरी कोड में हो सकते हैं।

मशीन-स्तरीय भाषा में प्रोग्राम बनाना बहुत कठिन कार्य है क्योंकि प्रोग्रामर्स के लिए प्रोग्राम को मशीन के निर्देशों में लिखना आसान नहीं होता है। यह error-prone है क्योंकि इसे समझना आसान नहीं है, और इसका रखरखाव भी बहुत अधिक कठिन है।

एक मशीन-स्तरीय भाषा पोर्टेबल नहीं है क्योंकि प्रत्येक कंप्यूटर के अपने मशीनी निर्देश होते हैं, इसलिए यदि हम एक कंप्यूटर में प्रोग्राम लिखते हैं तो दूसरे कंप्यूटर में मान्य नहीं होता है।

5. Assembly Languages

असेंबली भाषा में कुछ human-readable कमांड होते हैं जैसे कि mov, add, sub, आदि। मशीन-स्तरीय भाषा में हम जिन समस्याओं का सामना कर रहे थे, उन्हें असेंबली भाषा के रूप में ज्ञात मशीन-स्तरीय भाषा के विस्तारित रूप का उपयोग करके कुछ हद तक कम किया जाता है। चूँकि असेम्बली भाषा निर्देश mov, add, sub जैसे अंग्रेजी शब्दों में लिखे जाते हैं, इसलिए इसे लिखना और समझना आसान होता है।

जैसा कि हम जानते हैं कि कंप्यूटर केवल मशीन-स्तरीय निर्देशों को समझ सकते हैं, इसलिए हमें एक language processor or translator की आवश्यकता होती है जो असेंबली कोड को मशीन कोड में बदल देता है। कोड का अनुवाद करने के लिए उपयोग किए जाने वाले translator को असेंबलर के रूप में जाना जाता है।

असेंबली भाषा कोड पोर्टेबल नहीं है क्योंकि डेटा कंप्यूटर रजिस्टरों में संग्रहीत होता है, और कंप्यूटर को रजिस्टरों के विभिन्न सेटों को जानना होता है।

कुछ Popular Programming Language निम्नलिखित है –

  • Python: यह एक Open source programming भाषा मानी जाती है जो उच्च स्तर की है और एक सामान्य  भाषा के रूप में काम करती है। इसकी तुलना लोग अक्सर Ruby और JavaScript से करते है। अन्य प्रोग्रामिंग भाषाओं के अलावा Python को सीखना बहुत ही आसान और सरल काम है इसे किसी भी नौसिखिया को आराम से सिखाया जा सकता है। किसी भी एप्लिकेशन में एम्बेड किया जा सकता है और मैक, विंडोज और लिनक्स सहित सभी मौजूदा ऑपरेटिंग सिस्टम पर चल सकता है। यह सबसे शक्तिशाली भाषाओं में से एक मानी जाती है जिसका एक प्रोग्रामर उपयोग कर सकता है। इसे JavaScript और C++ की तुलना में कोड के लिए लगभग तीन से पांच गुना तेज माना जाता है।
  • C# (C Sharp): यह नेटवर्किंग और वेब डेवलपमेंट के लिए एक सामान्य object-oriented प्रोग्रामिंग (OOP) भाषा मानी जाती है। C sharp को एक सामान्य भाषा अवसंरचना (CLI) भाषा के रूप में निर्दिष्ट किया जा चुका है।
  • C language: इसे एक उच्च स्तरीय भाषा माना जाता है और साथ ही यह सामान्य प्रयोजन प्रोग्रामिंग भाषा है जो फर्मवेयर या पोर्टेबल अनुप्रयोगों के विकास के लिए आदर्श है। इस भाषा को मूल रूप से सिस्टम सॉफ्टवेयर लिखने के लिए बनाया गया है। C को 1970 के दशक की शुरुआत में यूनिक्स ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए डेनिस रिची द्वारा बेल लैब्स में बनाया गया था।
  • C++: यह एक सामान्य-उद्देश्य वाली प्रोग्रामिंग भाषा है और आजकल Competitive programming के लिए बहुत बड़े पैमाने पर उपयोग की जाने जाती है। इसका उपयोग बैकएंड भाषा के रूप में भी किया जा सकता है।
  • Java: यह एक उच्च स्तरीय, मजबूत, object-oriented और सुरक्षित प्रोग्रामिंग भाषा कही जाती है। साथ ही यह एक बहुत ही Popular programming language के रूप में उभर कर हमारे सामने आई है। इस प्रोग्रामिंग भाषा को सन माइक्रोसिस्टम्स द्वारा वर्ष 1995 में बनाया गया था। जेम्स गोस्लिंग को जावा के पिता के रूप में माना जाता है। Java से पहले इसका नाम Oak था। चूंकि ओक पहले से ही एक पंजीकृत कंपनी थी, इसलिए जेम्स गोस्लिंग और उनकी टीम ने ओक से जावा का नाम बदल दिया।
  • JavaScript: इसको एक प्रसिद्ध स्क्रिप्टिंग भाषा के रुप में जाना जाता है जिसका उपयोग साइट को उपयोगकर्ता के लिए इंटरैक्टिव बनाने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग वेबसाइट की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए, गेम और वेब-आधारित सॉफ़्टवेयर चलाने के लिए किया जाता है। कई अन्य भाषाएँ भी हैं जिनके माध्यम से कोई व्यक्ति फ्रेमवर्क के आधार पर फ्रंट-एंड डेवलपमेंट कर सकता है|
  • PHP: इसको एक सर्वर-साइड स्क्रिप्टिंग भाषा के रूप में जाना जाता है जिसे विशेष रूप से वेब डेवलपमेंट के लिए डिज़ाइन किया गया है। चूंकि PHP कोड, सर्वर-साइड पर निष्पादित होता है इसलिए इसे सर्वर-साइड स्क्रिप्टिंग भाषा कहते है। 

Coding और Programming में क्या अंतर है?

Coding और Programming में कुछ प्रमुख अंतर होते हैं। कोडिंग प्रोग्रामिंग का एक छोटा सा हिस्सा होती है जबकि प्रोग्रामिंग एक प्रोग्राम बनाने की प्रक्रिया है।

कोडिंग करने के लिए किसी प्रकार के सॉफ्टवेयर टूल की आवश्यकता नहीं पड़ती जबकि प्रोग्रामिंग करने के लिए कई सारे टूल की आवश्यकता पड़ती है।

कोडिंग करने वाले के पास बुनियादी ज्ञान होना आवश्यक होता है जबकि प्रोग्रामर के पास कई सारे प्रोजेक्ट्स के प्रबंधन का अनुभव होना आवश्यक होता है।

कोड कंप्यूटर को दिए गए कुछ निर्देशों के एक सेट के रूप में कार्य करता है। जबकि प्रोग्रामिंग से संपूर्ण एप्लिकेशन, सॉफ़्टवेयर, या एक वेबसाइट तैयार की जा सकती है।

संक्षेप में – Conclusion

अंत में, “Programming kya hai – What is Programming in Hindi” को संक्षेप में समझाए तो यह एक तरीका है जिसके जरिये कंप्यूटर को विभिन्न टास्क करने के निर्देश दिए जाते है। इन निर्देशों को विभिन्न प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जैसे पाइथन, सी, सी++, जावा, आदि में लिखा जाता है। आमतौर पर एक कंप्यूटर प्रोग्रामर वह व्यक्ति है, जो प्रोग्राम बनाता है।

उम्मीद करते है, अब तक आपको प्रोग्रामिंग क्या होता है और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है इसकी जानकारी हो गयी होगी। यदि पोस्ट से सम्बंधित कोई सवाल या सुझाव हो तो कृपया नीचे कमेंट कर हमें जरूर बताएं।

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम निर्मल सिंह खोलिया है ,और में इस ब्लॉग का फाउंडर हूँ। मेने कंप्यूटर साइंस में स्नातक की हुयी है, और मुझे टेक्नोलॉजी से संबंधित जानकारी शेयर करना बेहद पसंद है। अगर आप टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर और इंटरनेट से संबंधित विषयो में रूचि रखते है, तो यह ब्लॉग आपके लिए ही बनाया गया है। मुझसे जुड़ने के लिए आप मुझे सोशल मीडिया पर फॉलो कर सकते है।

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