Bit एंड Byte क्या है कंप्यूटर में जाने

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जब आप कंप्यूटर के बारे में बात करते है, तो “Bit एंड Byte” ये दो ऐसे शब्द है जिनका उपयोग अक्सर किया जाता है। जैसे कंप्यूटर स्टोरेज के मामले में हम सुनते है कि इसकी हार्ड ड्राइव या रैम की स्टोरेज इतने मेगाबाइट (MB), गीगाबाइट (GB), और टेराबाइट (TB) की है।

Bit and byte kya hai hindi

इसके अलावा आप अक्सर बात करते है, कि मेरे इंटरनेट ब्रॉडबैंड कनेक्शन में 1 मेगाबिट प्रति सेकंड (1Mbps) की इंटरनेट स्पीड आती है. कंप्यूटर के प्रोसेसर भी 32-bit या 64-bit के होते है। तो आखिकार यहां Bit और Byte का मीनिंग क्या है? ये किसके लिये उपयोग किये जाते है।

इस पोस्ट में आगे हम आपको इन सभी सवालों के जवाब देंगे। तो चलिए सबसे पहले Bit क्या चीज है? इसे समझे।

बिट क्या है – What is Bit?

Bit या Binary digit एक कंप्यूटर पर इन्फॉर्मेशन (डेटा) की सबसे छोटी यूनिट को कहा जाता है। जैसा आप जानते है, कंप्यूटर सभी प्रकार के डेटा को जैसे: संख्याओं, शब्दों, वीडियो, संगीत और तस्वीर इत्यादि को स्टोर करने के लिये बाइनरी नंबर सिस्टम का उपयोग करते है।

बाइनरी नंबर सिस्टम केवल दो डिजिट (0 और 1) के संयोजन का उपयोग करके गणना करता है। इसका अर्थ ये हुआ कि कंप्यूटर में डेटा जीरो (0) और वन (1) की फॉर्म (इसे मशीन लैंग्वेज कहा जाता है) में स्टोर होता है। तो एक जीरो या वन को हम Bit से परिभाषित करते है।

कंप्यूटर प्रोसेसर के सर्किट में अरबों ट्रांसिस्टर होते है। प्रत्येक ट्रांसिस्टर एक छोटा स्विच है, जो इसे मिलने वाले इलेक्ट्रॉनिक सिग्नलों के द्वारा एक्टिवेट होता है। तो जब भी ट्रांसिस्टर ON होता है, उसे हम ‘1’ मानते है, वही जब ये OFF होता है उस स्थिति को ‘0’ माना जाता है। तो bits कंप्यूटर में डेटा स्टोरेज की मूलभूत इकाई है।

फोर bits (1001) मिलकर एक nibble बनाते है, जिसे हाफ byte भी कहा जाता है। डेटा ट्रांसफर स्पीड को हमेशा bits में मापा जाता है। उदाहरण के लिये 1Mbps (1 मेगाबिट प्रति सेकंड) इंटरनेट स्पीड, यहां पर small ‘b’ का मतलब bit से है. तो bit कंप्यूटर डेटा का सबसे छोटा टुकड़ा है जिसकी वैल्यू 1 या 0 हो सकती है.

बाइट क्या है – What is Byte?

8 bits के समूह को byte कहते है। अर्थात आठ जीरो और वन की सीरीज (10101100) को एक Byte माना जाता है, जो एक सिंगल करैक्टर को स्टोर कर सकता है जैसे लैटर B, नंबर 5 और ग्राफ़िक सिम्बल। बड़े साइज के डेटा को स्टोर करने के लिये अधिक Bytes का उपयोग किया जाता है।

उदाहरण के लिये किलोबाइट (KB) जिसमें 1,024 bytes होते है, मेगाबाइट (MB) जो 1,024 kilobytes के बराबर है, गीगाबाइट (GB) ये 1,024 megabytes के बराबर है, ऐसे ही टेराबाइट (TB) जिसमे 1,024 gigabytes होते है. कंप्यूटर में Bytes शब्द का उपयोग अक्सर डेटा स्टोरेज को मापने के लिये किया जाता है.

जैसे एक हार्ड ड्राइव 250 GB (गीगाबाइटस) की हो सकती है. यहां आपके लिये ये जानना जरूरी है कि कैपिटल ‘B’ को हमेशा bytes के लिये उपयोग किया जाता है. जबकि स्मॉल ‘b’ का उपयोग bits को दर्शाने के लिए किया जाता है.

बिट और बाइट में अंतर (Difference Between Bits and Bytes in Hindi)

Bit और Byte दोनों ही कंप्यूटर मेमोरी की यूनिट्स है, लेकिन इन दोनों के बीच कई मूल अंतर है। हालांकि अब तक आप इन दोनों में क्या अंतर है इसे थोड़ा बहुत समझ गए होंगे। आइये इनके बीच के मुख्य अंतर को जाने:

  • Bit कंप्यूटर मेमोरी की सबसे छोटी इकाई होती है, जबकि 8 bit के समूह को byte कहते है.
  • एक Bit दो अलग-अलग वेल्यूस ‘0’ और ‘1’ को स्टोर कर सकता है, जबकि इसके विपरीत byte आमतौर पर 256 विभिन्न वेल्यूस को धारण कर सकता है.
  • Bit को स्मॉल ‘b’ से दर्शाया जाता है, वही Byte को दर्शाने के लिये कैपिटल ‘B’ का उपयोग किया जाता है।
  • डेटा ट्रान्सफर स्पीड को अक्सर bits में मापा जाता है, जबकि डेटा साइज को मापने के लिये bytes का उपयोग करते है।

32-bit और 64-bit बिट क्या है

जब कभी आप कंप्यूटर खरीदते है तो उस दुकानदार से आपने अक्सर सुना होगा कि इस कंप्यूटर का प्रोसेसर 32-bit या 64-bit का है। ये टेक्निकल शब्द अक्सर लोगों को कंफ्यूज कर देते है। आइये इन्हें आसान शब्दों में समझें। 32-bit और 64-bit दर्शाते हैं, कि किसी कंप्यूटर का प्रोसेसर CPU रजिस्टर से एक बार मे कितनी मेमोरी एक्सेस कर सकता है।

ये रजिस्टर एक तरह की स्मॉल मेमोरी है, जो इंस्ट्रक्शन व मेमोरी एड्रेस इत्यादि को स्टोर करते है। तो आसान शब्दों में 64-bit प्रोसेसर एक 32-bit प्रोसेसर से अधिक सक्षम है, क्योंकि ये एक बार मे अधिक डेटा होल्ड कर सकता है। एक 32-bit प्रोसेसर अधिकतम 4GB (4,294,967,296 bytes) और उससे कम मेमोरी को एड्रेस कर सकता है।

इसके विपरित 64-bit प्रोसेसर सैद्धांतिक रूप से 18,446,744,073,709,551,616 bytes अथवा 18.4 exabytes मेमोरी एड्रेस कर सकता है। हालांकि ये बहुत ज्यादा अधिक है क्योंकि इतने एड्रेस स्पेस की आवश्यकता नही होती है। तो आप कह सकते है कि एक 64-bit प्रोसेसर 4GB से अधिक की किसी भी रैम को एक्सेस कर सकता है।

तो यदि आपके कंप्यूटर में 8GB या उससे अधिक की रैम है, तो आपको 64-bit प्रोसेसर की आवश्यकता होगी। इनके बीच एक बड़ा अंतर ये भी है कि कौन प्रति सेकंड कितनी कैलकुलेशन कर सकता है। जो प्रति सेकंड अधिक कैलकुलेशन करेगा वो उतने जल्दी किसी टास्क को पूर्ण कर पायेगा।

जैसा आप जानते है, 64-bit प्रोसेसर dual-core, quad-core, six-core, एंड eight-core versions में आते है। मल्टीप्ल कोर एक प्रोसेसर को प्रति सेकेंड अधिक कैलकुलेशन करने की अनुमति देते है, जिससे एक कंप्यूटर की प्रोसेसिंग पावर बढ़ती है और वह बेहतर परफॉरमेंस दे पाता है।

हालांकि ये जानना जरूरी है, कि 32-bit प्रोसेसर में 64-bit के एप्लीकेशन और प्रोग्राम्स कार्य नही करते। जबकि एक 64-bit प्रोसेसर में 32 एंड 64-bit के एप्लीकेशन कार्य कर सकते है। इसके अलावा एक अंतर ये भी है कि एक 32-bit प्रोसेसर के लिये 32-bit के ऑपरेटिंग सिस्टम की आवश्यकता होगी।

इसके विपरीत 64-bit प्रोसेसर में 32 एंड 64-bit दोनों तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम कार्य कर सकते है। तो कुल मिलाकर ये टेक्निकल शब्द किसी कंप्यूटर प्रोसेसर की डेटा ट्रांसफर क्षमता को दर्शाते हैं।

कंप्यूटर स्टोरेज की सभी मेमोरी यूनिट

ये तो आप जान चुके है, कि डेटा की सबसे छोटी यूनिट Bit है जिसे एक 0 या 1 से दर्शाया जाता है। 8 bits के कलेक्शन को Byte कहते है, जो एक करैक्टर का प्रतिनिधित्व करता है। अब यदि हमें अधिक कैरेक्टरस का प्रतिनिधित्व करना है तो बेशक इन bytes को एक साथ जोड़कर आगे की मेमोरी यूनिट बनानी होगी।

नीचे मेमोरी की विभिन्न युनिट्स के बारे में दर्शाया गया है:

S.r No.यूनिटवैल्यू
1Bit (bInary digiT)0 या 1
2Nibble4 bits
3Byte8 bits
4Kilobyte (KB)1,024 bytes
5Megabyte (MB)1,024 KB
6Gigabyte (GB)1,024 MB
7Terabyte (TB)1,024 GB
8Petabyte (PB)1,024 TB
9Exabyte (EB)1,024 PB

संक्षेप में

तो Bit और Byte क्या है? ये डेटा युनिट्स है, जिनका उपयोग डेटा के अमाउंट को मापने के लिये किया जाता है। आमतौर पर डेटा ट्रांसफर स्पीड को bits में मापा जाता है, जबकि डेटा स्टोरेज को bytes में मापते है। एक bit की वैल्यू का वर्णन 0 या 1 से करते है और 8 bits के समूह से byte बनता है।

तो उम्मीद है, इस पोस्ट को पढ़कर आपको बिट और बाइट का मीनिंग समझ मे आया होगा। लेकिन फिर भी कोई समस्या हो तो कृपया नीचे कमेंट में जरूर बताये और यदि पोस्ट ज्ञानवर्धक लगा हो तो इसे अपने सोशल मीडिया या स्टूडेंट ग्रुप में शेयर जरूर करे।

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